20250721

युग निर्माण सत्संकल्प: व्यक्तित्व और समाज के उत्थान के लिए 18 सूत्रों की विस्तृत व्याख्या



युग निर्माण सत्संकल्प: व्यक्तित्व और समाज के उत्थान के लिए 18 सूत्रों की विस्तृत व्याख्या

पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा प्रतिपादित "युग निर्माण सत्संकल्प" एक ऐसा वैचारिक घोषणापत्र है, जो व्यक्ति के आत्म-परिवर्तन से समाज और युग के रूपांतरण की दिशा दिखाता है। इन अठारह संकल्पों को केवल वचन या नियम की तरह नहीं, बल्कि जीवनशैली की आत्मा मानकर अपनाना चाहिए। यह आलेख प्रत्येक सत्संकल्प को व्यावहारिक उदाहरणों, परिवारिक जीवन से जुड़ी सजीव स्थितियों और समाज सुधार के परिप्रेक्ष्य में विस्तारपूर्वक प्रस्तुत करता है। 

पं. श्रीराम शर्मा आचार्य: युगदृष्टा ऋषि, साधक, और समाज-संस्कृति के महान निर्माता


पं. श्रीराम शर्मा आचार्य: युगदृष्टा ऋषि, साधक, और समाज-संस्कृति के महान निर्माता


भारतीय इतिहास ऋषियों और संतों की गौरवगाथाओं से भरा पड़ा है। लेकिन जब हम आधुनिक युग की ओर दृष्टिपात करते हैं, तो एक ऐसा व्यक्तित्व दृष्टिगोचर होता है जिसने बीसवीं सदी में धर्म, विज्ञान, साधना और समाज सेवा को एक सूत्र में बाँध दिया — वे थे पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य।

उन्होंने न केवल आत्मसाधना के क्षेत्र में क्रांतिकारी योगदान दिया, बल्कि अपने लेखन, आन्दोलन और संस्थानों के माध्यम से करोड़ों लोगों को जागरूक किया।
वे ऋषियों की परंपरा में आधुनिक युग के प्रतिनिधि, एक सच्चे युगदृष्टा थे।

20250320

गायत्री मंत्र का 108 बार जाप (Gaytri Mantra 108 Times)




 गायत्री मंत्र का 108 बार जाप (Gaytri Mantra 108 Times

https://youtu.be/HGZoIXz78r8